तुमने रिश्ता तोड़ा भी इतने सलीके से,
दर्द होता रहा और आवाज़ तक न हुई
जिसे अपना समझकर हर राज़ दे दिया,
उसी ने खामोशी को मेरी सज़ा बना दिया
Best Hindi Shayari
तुमने रिश्ता तोड़ा भी इतने सलीके से,
दर्द होता रहा और आवाज़ तक न हुई
जिसे अपना समझकर हर राज़ दे दिया,
उसी ने खामोशी को मेरी सज़ा बना दिया